Zombie Story In Hindi

वैम्पायर डायरीज भाग 3 Zombie Story In Hindi

zombie story in hindi  आज आप  पढेंगे दिल दहलादेनेवाली एक वैम्पायर हॉरर स्टोरी. यह कहनी मैंनेखुद लिखी है. इसकी संकल्पना बिलकुल नई है. जिनको वैम्पायर स्टोरी हॉरर स्टोरी पढना पसंद है. उन्हें मेरी लिखी कहानी एक नइ दुनिया में ले जाएगी. और भी बहुत सारी भूतहा कहानिया आपके मनोरंजन के लिए इस ब्लॉग पर उपलब्ध है उन्हें भी जरुर पढ़े.

वैम्पायर डायरीज भाग 3 Zombie Story In Hindi

चंद्रमा पर ग्रहण लगने में कुछ ही घंटे शेष थे. रात में लाल टेन हात में लिये. वह अकेले ही पहाड चढ़ रहे थे. पहाड़ पर इतनी शांतता थी की जरा-सी आहट से रुह कांप उठती थी. खतरा किसी भी दिशा से आ सकता था.

यशवंतराव रामरक्षा का पठन करते हुए. बडी चपलता से पहाड़ चढ़ रहे थे. जब वो पहड़ी की चोटी के थोडा करीब पहुंचे तब वहा पे संपत उनकी राह देख रहा था. जो कभी उनके साथ पाठशाला में पढता था. zombie story in hindi

उसका सर धड से अलग करते वक़्त पिताजी की आँखों में आसू थे. फिर वह पहाड़ी की चोटी के थोडा और नजदीक पहुंचे. वहा उनके उन्हें चचेरे भाई आत्माराम को मारना पड़ा अब सिर्फ संग्राम से मिलाना शेष था.

तक़रीबन पौने बारह बजे यशवंतराव पहड़ी की चोटी पर पहुंचे. उसवक्त चंद्रग्रहण में कुल २० मिनट बाकि थे. तुम्हारे परदादा उस भूतीया गुफा में दाखिल हुए. वहां पर घुप अँधेरा था.

इसलिए उन्होंने गुफा में लगी छोटी-छोटी मशाले जलाई. तभी  उन्हें जो भयंकर नजारा सामने दिखा. उसे देखकर  उनकी आत्मा काँप उठी. क्योंकि गुफामे अबतक गायब हुए बच्चो की हड्डियों के कंकाल थे. और कुछ आधी खई हुई लाशे भी थी.

अब जंग आर पर की थी. कुश्ती में संग्राम यशवंतराव से कभी जीता नहीं था. इसलिय समय निकलने के लिए ही संग्राम ने उसके साथियों की मदत बुला ली थी . उनसब से लड़ते हुए यशवंतराव बुरी तरह से घायाल हो गए थे.

तब तक ग्रहण शुरू हो चूका था. और संग्राम ने शैतान को जगाने का अनुष्ठान लगभग पूरा कर लिया था.

और अनुष्ठान के अंतिम चरणं में वह अपने खुदकी बेटी की बलि देनेही वाला था. तभी यशवंत राव ने चांदी का वो खंजर उसके दिलके

आर…………….पार…………कर दिया. उसके दर्द्द और चीखने की आवाज से नरक की दीवारे गूंज उठी. लेकिन कहते है ना जिनपर हम भरोसा करते है. वही हमारे  ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते है. इसीतरह

गाँव के सरपंच ने अचानक पीछे से वार किया. और यशवंतराव के पीठे में उस प्राचीन संदुंक में मिला हुआ. दूसरा चांदी का खंजर घोंप दिया.  यसवंतराव ने जमींनपर गिरते  सरपंच से इस विश्वासघात का वक़्त कारण पूछा. तब उसने  शैतान की तरह हस्ते हुए बताया. की ये अनुष्ठान पूरा करने के बाद. वह  उस नरक के शैतान से हमारे गाँव के निचे गडा हुआ. गुप्त धन उपहार में मांगने वाला है.

और अगले ही पल सरपंचने कुंवारी कन्या बलिका अनुष्ठान पूरा कर दिया. और उस गुफा में जंगली चमगादड़ो के झुंड जमा होने लगे. गुफा में कुछ देर के लिए भूकंप के झटके भी लगे थे.

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यशवंतराव घायल स्तिथि मे वहांसे गिरते पड़ते बाहर निकले. और उस गुफा का मुंह एक विशाल पत्थर धकेलकर बंद कर दिया. फिर गुफा को चांदी की चेन और शक्तिशाली मंत्र सिद्धि से बंद करदिया. और वही उन्होंने आखरी साँस ली परंतु मरते हुए.

यशवंतराव ने  गुफाके पत्त्थर पर अगले चंद्र ग्रहण की तारिख लिखी. जो ठीक १०० साल बाद होने वाला था. और उसपर लिखा तुम्हारा नाम.

जिसके हातो उस शैतान की मृत्यु लिखी है. और वह तारीख कल है. मैंने सवाल किया तो शैतान उस गुफासे बाहर भी तो सकता था. तब दादाजी बोले मेरे पिताजी यशवंतराव जी को ४ वेद और १८ पुरोनो का ज्ञान था. zombie story in hindi

उन्हें शक्तिशाली मंत्र विद्या अवगत  थी. उसके प्रयोग से उन्होंने उस शैतानी गुफाको मंत्र सिद्धियों से बंद कर दिया ठिया. जिस वजह से वह शैतान उस गुफा से बाहर नहीं आ सकता. उसे बाहर आने के लिए. चंद्रग्रहण की जरुरत है.

तभी वह अपनी पूरी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकेगा. पर वह नरक का पुजारी आजभी अपने काम. उसके चेलो से करवाता है. उसीका नमूना तुमने अभी पिंजरे में देखा है.

अब तुम ही हो हम सबकी आखरी उमीद. चंद्रग्रहण पूरा होने के बाद तुम्हे उस खुनी पिसाच को  चाँद की रोशनी के निचे  उस आखरी चांदी के खंजर से मारना होगो. पर मोका सिर्फ एक और वार सीधा दिलपे करना होगा. अब तीनो खंजरों में से सिर्फ एक ही बचा है. और ये सिर्फ एक बार ही काम आयेगा. और तभी जब इसपे चाँद की रौशनी पड़ेगी.  zombie story in hindi

अगली रात ही चंद्रग्रहण था. दादाजी की हालत अब खराब हो रही थी.  क्योंकि उन्हें एक पिसाच ने काट लिया था. अब शायद वो भी पिसाच बनने वाले थे. तो दादाजी बोले के मेरा और तुम्हारा साथ यहाँ तक ही था.

अब इस गाँव की तक़दीर तुम्हारे हातो में है.और अगले हि पल दादाजी ने जेब मेसे एक कांच की शीसी निकली. और उसे पि गए और हँसते हुए मेरी बाहों में उन्होंने प्राण त्याग दिए.

में शोक, चिंता और अपनों को खोने का गम सिने में दबाये हुए. पूरी रात वही बैठा रहा. सुबह दादाजी का अंतिम संस्कार हुआ.अब मेरे साथ अपनों के नाम पे सिर्फ बाबुकाका ही थे. वही मेरे सारथि बनकर चलपड़े  मेरे साथ उस नरक के शैतान को हराने.

वैम्पायर डायरीज भाग 3 Zombie Story In Hindi

चंद्रग्रहण इस बारभी १२ बजे ही था. पर अब की बार शैतान खुद सामने आनेवाला था. और उसे मारने का मोका सिर्फ एक और दांव पे पूरा गाँव ये सब जैसे जैसे याद आ रहा था. दिमाग में तनाव बढ़ रहा था.

फिर मैंने अपने सांसो पे ध्यान एकाग्र किया और दिमाग में सिर्फ एक चीज के बारे में सोचा. की आज उस पिशाच का शिकार करके, इस गाँव को वापस बसाऊंगा और अपने दादाजी  की मौत का  बदला लूँगा.

बाबूकाका हनुमान चलीसा पाठ कर रहे थे. हम बड़ी चपलता पहाड़ चढ़ने की गति बढ़ा रहे थे. मैंने काका से कहा की अच्छा है. कोई बाधा नही आ रही.

पर मै गलत था मुसीबत पहाड़ पर हमारा इंतजार पहलेसे ही कर रही थी.  बाबुकाका बोले की सामने जो इंसानी पिसाच खड़ा है. वह नंदू है पिछले हप्ते ही इसे पिसाच ने काटा था. तब से वह गायब था.

शेष कहानी अगले भाग में कहानी पूरी Zombie Story In Hindi जरुर पढना अंत बहुत अच्छा है.

मेरे दोस्तों आपको zombie story in hindi का यह भाग कैसा लगा ये कमेंट करके जरुर बताये और पूरी  वैम्पायर  डायरीज सीरिज की लिंक निचे दे रहा हूँ. उसे भी जरुर पढना. और अगर आपको खुदकी हॉरर स्टोरी या कोई सच्ची भूतहा घटना इंटरनेट के माध्यमसे दुनिया को बतानी है. तो उस कहनी को मरे फेसबुक पेज पर मेसेज करे. आपकी कहनी आपके नाम और तस्वीर के साथ मेरे इस ब्लॉग पर पब्लिश की जाएगी.

Zombie Story In hindi (पूरी कहानी)

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