Hindi short story with moral for kids

Short Moral Story In Hindi For Class 1| कंजूस चंपकलाल |Baccho Ke Liye Kahani Hindi Naitik Kahani

Short Moral Story In Hindi For Class 1:- I am Sharing the best Short Moral Story In Hindi For Class 1. which is very valuable for your kids to teach them about the Essence of life, This story is also useful for teachers.

यहां मैं लघु नैतिक कहानी हिंदी में कक्षा 1 के लिए साझा कर रहा हूं जो बहुत मूल्यवान हैं और  आपके बच्चों को सुंदर जीवन जीने के सबक सिखाएंगी , जो उनकी सोच में अच्छे बदलाव लाएगी . इस ब्लॉग  की औरभी Short Moral Story In Hindi For Class 1 जरुर पढ़े

कंजूस चंपकलाल Short Moral Story In Hindi For Class 1

एक शहर में चंपकलाल नामका एक तेल का व्यापारी रहता था. वह बहुत ही कंजूस आदमी था. उसके घर में धन की कोई कमी नहीं थी. फिर भी वह अपनी खुशीसे बच्चो के लिये मिठाई या कोई भी खाने की चीज नहीं लता था.

यहाँ तक की अपने घर का राशन किराना भी वह खराब दर्जे का भरता था. उसकी बीवी उसके इस स्वभाव से परेशान थी. आम के सीज़न में एक रविवार के दिन बच्चो ने चंपकलाल को आम लाने जिद्दकी. और उसकी पत्नी ने भी ज़ोर दिया इसलिय वह भी मान गया.

वह सुबह-सुबह ही आम लेने निकला. उसके घर के नाजिद्क ही एक ठेले पर एक आदमी आम बेच रहा था चंपकलाल उस आम वाले के पास गया और उससे पूछा भाईसाहब ये आम का क्या भाव है.

ठेले वाला बोला कि आम 150 रुपया डजन.चंपकलाल बोला ये तो बहुत मेहेंगा है. मुझे तुम ये आम 110 रुपये में दे दो.आम वाला बोला मुझे परवडेगा नहीं आप बड़े बाजारमें जाके आम लेलो शायाद वहा कम भाव में मिलजाए.

चंपकलाल बड़े बाज़ार में जाता है. और वहा एक बड़ी आम की दुकान वाले से पूछता है.आम का क्या भाव है. दुकानदार बोलता है. आज आम का भाव 120 रुपये है. चंपकलाल बोला येतो बहुतही महंगा है.

तुम मुझे ये आम 70 रूपये में दे दो. दुकानदार ने कहा आप एक काम करिये यहाँ से 5 किलोमीटर दूर एक आम का बाग़ है. आप वहा जाके मुफ्त में आम क्यों नहीं तोड़ते.

मुफ्त ये शब्द सुनते ही चंपकलाला उस आम के बगीचे की और निकलपडा. जब वह आम के बाग़ में पंहुचा वहा कोइ नहीं था. उसने सोचा यही मौका है. मुफ्त में आम की थैला भर लेता हु. वह कोई आने से पहले फटा फट पेड़ पर चढ़ गया.

आम का पेड़ काफ़ी ऊँचा था. चंपकलाल एक डाली पर खड़े होकर आम तोड़ने लगा अचानक उसके वज़न से आम की डाली टूट गयी. और वह धडाम से निचे गिरगया और उसुके दोनों पैर फ्रैक्चर होगए थे.

और उसके चिलाने की आवाज़ सुनके बाग़ में रहने वाले पालतू कुत्तो ने भी आके उसे काट लिया. फिर बाग़ के मालिक ने उसे हॉस्पिटल पोहोचाया.

कुछ दिनों बाद जब चंपकलाला के हात में हॉस्पिटल का 50000/ -का बिल आया तो वह सिर पकड कर बैठ गया. और सोचने लगा कि अपने कंजूस स्वभाव की वज़ह से उसने बड़ा नुक़सान करवालिया.

सीख: तो बच्चो इससे आपको ये सीख मिलती है की आपको अपनी जिंदगी खुले मनसे जिनी चहिये ज्यादा कंजूसी करना भी अच्छा नहीं होता.

तो मेरे प्यारे दोस्तों कमेंट करके जरुर बताये आपको ये Short Moral Story In Hindi For Class 1 कैसी लगी

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