Horror Story In Hindi

Horror Story In Hindi | वैम्पायर डायरीज भाग 1 Ghost ki Darawni Bhutiya Kahani | Bhoot Pret Ki Kahani | हिंदी कहानिया

Horror Story In Hindi :- I am Sharing the Best Horror Story In Hindi. This is most Scary Story available on Blogs आप पढ़ रहे है दिल दहलादेनेवाली वैम्पायर के जन्म से लेकर अंत  तक की अनोखी कहानी.जिनको हिंदी हॉरर स्टोरीज पढना पसंद है. उनको ये स्टोरी रोमाचं और  डर के अनोखे सफर पर लेजायेगी  मेरे ब्लॉग की और भी डरावनी  Horror Story In Hindi जरुर पढ़े

 वैम्पायर डायरीज भाग 1 Horror Story In Hindi

में हु संदीप आज में मेरी पर्सनल डायरि का आखरी पन्ना लिख रहाहु। मेरी मां ने मुझसे कहता बेटा एक दिन तुम्हे तुम्हारी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी जंग लढनि है। इसलिय तुम्हारी ज़िन्दगी में आने वाली मामूली रूकावटो से कभी डगमगाना नहीं। तो आज ही का वह दिन हे। जब मैंने वह जंग जितली है।

और इंतज़ार कर रहा हु सूरज के निकले का ताकि में सुरोदय देख सकु अख्रिबार। अगर मैं आज उस शैतान को रोकने में नाकामयाब होता। तो हो सकता था वह पूरे गांव को निगल जातासाल है 1858 मुझे मुंबई के बॉयज हॉस्टल में दादाजी का ख़त मिला। की मुझे अहमदनगर में वडनेर नामक गांव में तुरंत बुलाया है।

  • नायक का प्रवेश

में वहा श्याम 7 बजे पंहुचा बस स्टैंड पर मुझे लेने के लिया बाबुकाका आये थे। स्टैंड पूरा सुमसाम था। लग रहा था वहा कोई रहता है भी के नहीं? बाबूकाका मुझे ले जाने के लिया घोडागाड़ी लाये थे। वो मेरी उनसे पहली मुलाकात थी।

क्यों की मेरे जन्म के बाद दादाजी ने मुझे माता पिता के साथ गांव से दूर भेज दिया था। मुझे देखतेही बाबुकाका मेरा पास आके और बोले। आप छोटे सरकार हो ना पाटिल घराने के वारिस। मैंने कहा हा मैं ही हूं। बाबू काका ने कुछ ही मिनीटो में मेरा सामान बघि में रख दिया।

  • पुश्तैनी हवेली

और में चल पड़ा हमारी पुश्तैनी हवेली की तरफ। तक़रीबन 20 मिनिट चिल चिलाती ठंडी हवा का मज़ा लेते हम हवेली पहुंचे। वहा पोहोचने पर मेरा पहला सवाल था। की मेरे दादाजी कहा है। काका बोले अभी वह सो रहे है। आप उनसे कल सुबह मिल सकते है।

अभी आप हात मुह धो ले और खाना खाके आराम कीजिय। मै हवेली की तरफ़ देख्र रहाथा। मेरे मन से मझे अंतचेतना मिल रही थी। की अब मेरी ज़िन्दगी में कुछ भयानक होनेवाला है। जिसके बारे में मेरा मन कल्पना नहीं कर पा रहा था। बादमे में नहा धोके फ्रेश हो गया।

बाबूकाका कि पत्नी वीरांगना काकीने मेरे स्वागत में बहुत् सारे पकवान बनये थे। में खाने पर इस तरह से टूट पड़ा जैसे कि हप्ते भरसे खाना नहीं खाया हो। खानेके बाद मैं आंगन में टहलने लगा। मन में एक सवाल उठ रहा था इतने सालो बाद दादाजी ने अचानक इतनी जल्दी में क्यों बुलाया।

 वैम्पायर डायरीज भाग 1 Horror Story In Hindi

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र अपने एक लोते नाती को लेने वह ख़ुद क्यों नहीं आये। इनसबमे मन यादो की गहराई में कुछ ढूंडरहा था। बाबूकाका ने मुझे मेरा कमरा दिखाया जोकि एक बेडरूम कम पुस्तकालय ज़्यादा था। मुझे कमरे में लेजाने के बाद बाबूकाका बोले की ये आपके पिताजी का कमरा था। उनका बचपन यही गुजरा।

और आज ये आपके हवाले इस कमरे में आपको आपके पुर्वे जो का इतिहास और रहस्य मिलेंगे। किताबो से मुझे लगाव था ही। तो मेरा भी मन वहा लग्गाया। जगह नई होनाकी वज़ह से मुझे नींद नहीं आरही थी। तो मैंने किताबो को छानना शुरू करदिया।

किताबोको छानते वक़्त एक चीज मेरे निरिक्षण में जल्दही आयी वहा परा सारी किताबे नर पिसाच और गुप्त धन के विषय में थी और एक भी किताब के ऊपर किसी लेखक का नाम या फिर किसी पब्लिशर का नाम नहीं था। सारी कताबे हात से लिखी थी। और सबके कव्हर भी हात से चित्र निकले हुए थे।

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  • ख़ुफ़िया दरवाजा 

उन किताबो की अलमारी को में चेक कर ही रहा था और मैंने जब अलमारी के निचले हिस्से की आखरी किताब को निकला। तभी जमींन पर अचानक से एक दरवाज़ा खुलगया अचानक से खुलनेवाले तैखाने से मैं हडबडागया। मैंने किताबे वही छोड़ी और उस तैखाने के दरवाजे के पास गया। 

और जब अन्दर झांक के देखा तब मुझे नजरआये मेरे दादाजी राजाराम पाटिल। वो बोले आओ बेटा मैं तुम्हारा ही इंतज़ार कर रहा था। मैं तैखाने की सीढियों से जैसे-जैसे निचे उतर रहा था। वैसे-वैसे अन्दर ठंड बढ़ रही थी। मेरे निचे पहुंचने के बाद दादाजीने दिवार पेहि एक सुनहरी चाबी लगाके दरवाज़ा बंद करदिया।

  • कैदी नर पिसाच (Horror Story In Hindi)

जब मैं उनके साथ तैखाने के अन्दर गया तो अन्दर जो देखा वह देखके मेरी रूह कांप गयी। वहापर चांदी के पिंजरे में अधमरी हालत में एक नर पिसाच था। मैंने दादाजी को पुछा कि ये सब क्या बला है। वो बोले ये शैतान का श्राप है। और इस श्राप को तुम्हे मिटाना है।

क्योंकि तुम उस भविष्यवाणी का हिस्सा हो जो 100 साल पाहिले हमारे पुर्वाजोने लिखी थी। तुम इस गांव की आखरी उमीद हो संदीप। ये सब सुनके मुझे झटका-सा लगा। पर मैंने अपने मनन को पक्का कर लिया फिर दादाजी मुझे तैखाने के दुसरे कमरे में ले गए।

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 वैम्पायर डायरीज भाग 1 Horror Story In Hindi

उन्होंने ने मेरी आंखों में देखा और बोले संदीप तुम कुछ पूछो इससे पहले ही में तुम्हे पूरी कहानी बताता हु। हम दो नो एक चबूतरे पर बैठ गए। दादाजीने कहानी बताना शुरू किया। आज से ठीक 100 साल पाहिले वडनेर एक हस्ता फलता फूलता बढती आबादी वाला गांव था|

सब तरफ़ खुशहाली थी। तुम्हारे परदादा गांव के सबसे आमिर और विद्वान आदमी थे। सब उनकी इजत करते थे। इस गांव पर कोई भी आपत्ति आये तो सबसे पहले तुम्हारे परदादा यशवंतराव पाटिल मदत के लिए आगे आते थे। सब कुछ सही चल रहा था।

  • संदूक का राज

पर एक दिन सुबह यशवंतराव और उनके छोटेभाई संग्राम दादा खेत में खुदाइ कर रहे थे। उसी वक़्त यशवंतराव को एक बड़ा संदूक मिला। जिसपर चांदी के अक्षरों में कुछ लिख था। पर वह भाषा उनको पढने नहीं अति थी।

संदूक पर चांदी का ताला भी था। और उसपर खतरे को दर्शाने वाले चिह्न थे। यशवंतराव को ये अन्तचेताना भी मिलरही थी की ये संदूक मुसीबत है।

शेष कहानी अगले भाग में Horror Story In Hindi  कहनी का ये भाग आपको कैसा लगा कमेंट जरुर कीजिये

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