sankat mochan naam tiharo lyrics

श्री संकटमोचन हनुमानाष्टक अर्थसहित Sankat Mochan Naam Tiharo Lyrics

||जय श्री राम ||

||Sankat Mochan Naam Tiharo Lyrics||

हिन्दू धर्म ग्रंथों की मान्यता नुसार. हनुमानजी को माँ सीता देवी का वरदान प्राप्त है. इस वजह से हनुमानजी आजभी अपने शरीर के साथ इस पृथ्वी पर सत्ययुग के काल से अमर है. हनुमानजी एक ऐसे भगवान है. जिन्होंने देवताओं को भी महाभयानक संकटों से मुक्ति दी थी. हनुमानजी भगवान भोलेनाथ का आठवा रूद्र अवतार है. उनकी शक्ति की कोई सीमा नहीं है. जब भगवान पवनसुत हनुमान छोटे थे तब उन्होंने एकही छलांग में अंबर की ऊंचाई लाँघ लिया था. और सूर्यदेव को एक लाल रंग का चमकता फल समझ के निगल लिया था. उसवक्त सूर्यदेव की अनुपस्थिति से सारे जगत में अँधेरा छा गया. फिर सभी देवताओ ने मिलकर बजरंगबली से विनती की. तब जाकर उस रामप्रिय हनुमान ने सूर्यदेव को अपने मुख से बाहर आने दिया. इसी तरह हनुमानजी के बाल पराक्रम दिन ब दिन बढ़ने लगे. देवता बालक हनुमान से भयभीत हो गए थे. फिर देवतों ने मिलकर इस का समाधान किया.और उचित समय आने तक हनुमानजी को उनकी असीमित शक्तियों का विस्मरण करवा दिया. समय बीतता गया और राम भगवान के वनवास के समय. जब रावण ने माता सीता देवी का अपहरन किया. तब सीतामाता की खोज पर निकले भगवान राम और उनके परम भक्त हनुमानजी का मिलाप हुआ था. उसवक दशरथ नंदन राम के आदेश अनुसार जाम्बवत,अंगद और रामदूत हनुमान. माँ सीता की खोज में दक्षिण दिशा में समुद्रतट पर पहुंचे. जहाँ बीच में था विशाल महासागर और उसके पार थी. रावण की लंका. जिस जगह रावण से माता सीता को बंदी बनाकर रखा था. उसवक्त सभी सुरमा वानरों ने अपनी-अपनी शक्ति से अनुमान लगाया. की कौन कौन समुद्र को लाँघ सकता है. पर किसीभी वानर के लिय. वह कार्य असंभव था. तब जामवंत ने हनुमानजी को उनकी असीमित शक्तियों से परिचित कराया. जिसका उन्हें स्मरण नहीं था. फिर वहां से उन्होंने उड़ान भर के सीता माँ तक . प्रभु राम का संदेश पहुँचाया था. इसीतरह देवताओं को भी मदत करने वाले हनुमानजी के लिए. हमारी छोटी मोटी समस्य हल करना कौनसी बड़ी बात है. बस उन्हें दिल से उनका आवाहन करो. इस पोस्ट में “Sankat Mochan Naam Tiharo Lyrics” उनके अर्थ के साथ दे रहे है. प्रतिदिन उनका पाठ करो. भगवान हनुमान आपको सभी संकट से जल्द ही मुक्त करेंगे.

Sankat Mochan Naam Tiharo Lyrics & Meaning in Hindi हनुमान अष्टक संकट मोचन नाम तिहारों लिरिक्स और भावार्थ

बाल समय रवि भक्षि लियो तब
तीनहुँ लोक भयो अँधियारो
ताहि सों त्रास भयो जग को
यह संकट काहु सों जात ना टारो
देवन आनि करी बिनती तब
छाँड़ि दियो रवि कष्ट निवारो
को नहीं जानत है जग में कपि
संकटमोचन नाम तिहारो !
संकटमोचन नाम तिहारो !! ||१||

भावार्थ: हे बजरंगबली बचपन में ही आपने सूरज को सुनहरा फल समझ के निगल लिया. उसवक्त तीनों लोंकों में अंधकर छा गया था. किसी भी देवता के पास इस संकट का निवारण नहीं था.

तब सभी देवताओं आपसे इस सकंट से छुड़ाने की गुहार लगाई थी. फिर अपने ही सूर्य देवता को अपने अपने मुख से मुक्त किया था. इस तरह अपने सभी सजीव प्राणियों के प्राणरक्षा की थी.

हे महाप्रभु इस संसार में आपका संकटमोचन यह नाम भला कौन नहीं जानता.

बालि की त्रास कपीस बसै गिरी
जात महाप्रभु पंथ निहारो
चौंकि महामुनि श्राप दियो तब
चाहिये कौन विचार विचारो
कै द्विज रूप लिवाय महाप्रभु
सो तुम दास के सोक निवारो
को नहीं जानत है जग में कपि
संकटमोचन नाम तिहारो !
संकटमोचन नाम तिहारो !! ||२||

भावार्थ: बाली के भय से सुग्रीव अपने अनुयायियों साथ ऋष्यमूक पर्वत पर रहते थे.क्योंकी ऋषि मातंग के शाप की वजह से बाली ऋष्यमूक पर्वत पर कदम नहीं रख सकता था.

पर जब प्रभु राम लक्ष्मण सहित उस पर्वत से गुजर रहे थे. तब हे हनुमानजी आपको ही सग्रीव ने रामजी से उनका भेद जानने के लिए भेजा था.

उसके बाद आपने ही प्रभु राम से सुग्रीव की भेट करवाके सुग्रीव को बाली के संकट से मुक्त किया था.इसीलिए!

हे महाप्रभु इस संसार में आपका संकटमोचन यह नाम भला कौन नहीं जानता.

अंगद के संग लेन गये सिय
खोज कपीस यह बैन उचारो
जीवत ना बचिहौ हम सो जु
बिना सुधि लाए इहा पगु धारो
हेरि थके तट सिंधु सबै तब
लाय सिया सुधि प्राण उबारो
को नहीं जानत है जग में कपि
संकटमोचन नाम तिहारो !
संकटमोचन नाम तिहारो !! ||३||

भावार्थ: सीता माँ की खोज में निकले सभी वानरों की तरफ से जब महाराज सुग्रीव ने प्रभु राम को वचन दिया था .की अगर वानर सीता माँ का पता लगाने में विफल रहे.

तो में उनके साथ अपने प्राण त्याग दूंगा. उस वक्त हे समुद्र के तट पर वानर निराश होकर बैठे ते. तब हे महाप्रभु आपने ही समुद्र पार करके सीता माँ की खोज की थी.

और सुग्रीव समेत सभी वानरों को प्राण दान दिया था.

हे महाप्रभु इस संसार में आपका संकटमोचन यह नाम भला कौन नहीं जानता.

रावन त्रास दई सिय को सब
राक्षसि सों कहि सोक निवारो
ताहीं समय हनुमान महाप्रभु
जाय महा रजनीचर मारो
चाहत सीय असोक सों आगि सु
दै प्रभु मुद्रिका सोक निवारो
को नहीं जानत है जग में कपि
संकटमोचन नाम तिहारो !
संकटमोचन नाम तिहारो !! ||४||

भावार्थ: जब रावण ने माँ सीता को अशोक वाटिका में बंदी बनाकर रखा था. तब माँ सीता ने राम प्रभु के वियोग में अपने प्राण त्यागना चाहती थी.

उसवक्त अपने उन्हें रामचंद्र प्रभु की अंगूठी देकर .उनके आगमन की सुचना दी थी. और सीता माता को दुःख से उबार कर अशोक वाटिका के साथ उन निशाचरों का भी संहार किया था.

इस तरह सीतामाता को संकट से बचाने वाले हे महाबली हनुमान.

हे महाप्रभु इस संसार में आपका संकटमोचन यह नाम भला कौन नहीं जानता.

बान लग्यो उर लछिमन के तब
प्राण तजे सुत रावन मारो
लै गृह बैद्य सुषेन समेत
तबै गिरि द्रोन सु वीर उपारो
आनि सजीवन हाथ दई तब
लछिमन के तुम प्राण उबारो
को नहीं जानत है जग में कपि
संकटमोचन नाम तिहारो !
संकटमोचन नाम तिहारो !! ||५||

भावार्थ: जब मेघनाद के अमोघ अस्त्र जे प्रहार से लक्ष्मण मुर्छित हुए थे.तब आप ही सुषेण वैद्य को उनके घर समेत उठाकर लाये थे.

और सुषेण वैद्य को जब इलाज के लिय संजीवनी बूटी की आवश्कता थी. उसवक्त आपने पूरा द्रोणागिरी पर्वत उठा कर लाया था. इस तरह लक्ष्मणजी को प्राण संकट से मुक्त करने वाले हे बजरंग बलि.

हे महाप्रभु इस संसार में आपका संकटमोचन यह नाम भला कौन नहीं जानता.

रावन युद्ध अजान कियो तब
नाग कि फाँस सबै सिर डारो
श्री रघुनाथ समेत सबै दल
मोह भयो यह संकट भारो
आनि खगेस तबै हनुमान जु
बंधन काटि सुत्रास निवारो
को नहीं जानत है जग में कपि
संकटमोचन नाम तिहारो !
संकटमोचन नाम तिहारो !! ||७||

भावार्थ: रावण राम युद्ध दरम्यान जब कपटी रावण ने नागपाश अस्त्र का प्रयोग किया था. तब प्रभु राम सहित बहुत से वानरों की टोलीया मुर्छित हो गई थी.

उसवक्त इस घोर संकट से निकलने का मार्ग किसी के पास भी नहीं था.तब हे महाप्रभु आप ही पक्षीराज गरुड़ को बुलाकर लाए.

और प्रभु राम लक्ष्मण समेत सभी वानरों के प्राणों की रक्षा की थी. हे महाप्रभु इस संसार में

हे महाप्रभु इस संसार में आपका संकटमोचन यह नाम भला कौन नहीं जानता.

बंधु समेत जबै अहिरावन
लै रघुनाथ पाताल सिधारो
देविहिं पूजि भली विधि सों बलि
देउ सबै मिलि मंत्र बिचारो
जाय सहाय भयो तब ही
अहिरावन सैन्य समेत संहारो
को नहीं जानत है जग में कपि
संकटमोचन नाम तिहारो !
संकटमोचन नाम तिहारो !! ||८||

भावार्थ: रावण की अग्ग्या नुसार जब अहिरावण प्रभु राम और लक्ष्मण का अपहरण करके पाताल लोक गया था. और वही कामना देवी के सामने उनकी बलि देने वाला था.

तब हे महाप्रभु हनुमान आपने ही की समय पर वहां पहुचकर कामना देवी के साथ अहिरावन, महिरावण और राक्षस सेना का अकेले ही विनाश किया था.

प्रभु राम को भी संकट से छुड़ाने वाले हे महाबली.

हे महाप्रभु इस संसार में आपका संकटमोचन यह नाम भला कौन नहीं जानता.

काज कियो बड़ देवन के तुम
वीर महाप्रभु देखि बिचारो
कौन सो संकट मोर गरीब को
जो तुमसों नहिं जात है टारो
बेगि हरो हनुमान महाप्रभु
जो कुछ संकट होय हमारो
को नहीं जानत है जग में कपि
संकटमोचन नाम तिहारो !
संकटमोचन नाम तिहारो !!
संकटमोचन नाम तिहारो !
संकटमोचन नाम तिहारो !!

भावार्थ: हे संकटमोचन महावीर हनुमान आपने तो बड़े बड़े महान देवताओं के दुर्गम काज पुरे करदिये
तो मुझ जैसे मनुष्य का ऐसा कौन सा संकट है जिसे आप दूर नहीं कर सकते.
हे संकटमोचन महाबली हनुमान शीघ्रता से मरे संकट हरो.

दोहा:
लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लँगूर |
बज्र देह दानव दलन, जय जय जय कपि सूर ||

भावार्थ: हे महाबली आपके लाल देह पर सिंदूर की लालिमा शोभायमान दिखती है.
वज्र से बने देह वाले सदा असुरों का संहार करने वाले हे कपि सूर आपकी सदा जय हो

Sankat Mochan Naam Tiharo Lyrics In English

baal samai ravi bhakshi liyo tab,
teenahu loka bhayo andhiyaro |
Taahi so traas bhayo jag ko,
yah sankat kaahu so jaat na taaro |
Dewan aani kari bintee tab,
chaadhi diyo ravi kasht niwaaro ||
Ko nahin jaanat hai jag mein kapi
sankat mochan naam tihaaro||1||

Baali ki traas kapees basai giri,
jaat mahaaprabhu panth nihaaro |
Chownki mahaa muni saap diyo tab
chahiy kaun bichaar bichaaro |
Kai dwij roop liwaay mahaa prabhu
so tum daas ke sok niwaaro ||
Ko nahin jaanat hai jag mein kapi
sankat mochan naam tiharo ||2||

Angad ke sang lain gaye siya,
khoj kapees yah baain uchaaro |
jeevat na bachihau hum son ju,
bina sudhi laay ehaan pagu dhaaro |
Hayri thake tatt sindhu sabaai tab
laay siya-sudhi praan ubaaro ||
Ko nahin jaanat hai jag mein kapi
sankat mochan naam tiharo ||3||

Raavan traas dayee siya ko sab,
raakshashi so kahi sok nivaaro |
Taahi samay hanuman mahaprabhu,
Jaay mahaa rajneechar maaro ||
Chaahat seeya asoka so aagi su,
dai prabhu mudrika soka nivaaro ||
Ko nahin jaanat hai jag mein kapi
sankat mochan naam tihaaro ||4||

Baan lagyo ur lakshiman ke tab,
praan taje sut raavan maaro |
Lai griha baidya sushen samet,
tabai giri dron su beer upaaro |
Aani sajeewan hath dayee taba
lakshiman ke tum praan upaaro|
Ko nahin jaanat hai jag mein kapi
sankat mochan naam tihaaro||5||

Raavan yudh ajaan kiyo tab,
naag ki phaas sabhi sir daaro |
Sri Raghunath samet sabai dal,
moh bhayo yah sankat bhaaro |
Aani khagesh tabai hanumaan ju,
bandhan kaati sutraas nivaaro |
Ko nahin jaanat hai jag mein kapi
sankat mochan naam tiharo ||6||

Bandhu samet jabai ahiraavan,
lai raghunath pataal sidhaaro |
Devhi puji bhalee vidhi so bali,
deu sabai mili mantra vichaaro |
Jaay sahaay bhayo tab hi
ahiraavan sainya samet sanhaaro |
Ko nahin jaanat hai jag mein kapi
sankat mochan naam tihaaro ||7||

Kaaj kiye barh dewan kei tum,
beer mahaaprabhu dekhi bichaaro |
Kaun so sankat mohin gareeb ko,
jo tumso nahin jaat hai taaro |
Begi haro hanumaan mahaprabhu
jo kuch sankat hoya hamaaro |
Ko nahin jaanat hai jag mein kapi
sankat mochan naam tiharo ||8||

Doha

Laal deh laalee lase, aru dhari laal langoor |
Bajra deh daanavdalan, jai jai jai kapi soor ||

sankat mochan naam tiharo lyrics“को पूरा पढने के लिय आपका धन्यवाद.
इस पोस्ट में हिंदी में अनुवाद इस लिए दे रहे है. क्योंकि बहुत सारे भक्तो को संस्कृत भाषा पढने या समझने में दिकत अति है.
आप इस कर प्रतिदिन पाठ करे. सबकी तरह हनुमानजी आपकी की संकट समय रक्षा करेंगे.
यह ब्लॉग पोस्ट आपको कैसी लगी यह कमेंट करके जरुर बताये.

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