Dilchasp kahaniyan in hindi

इस दुनिया का लगभग हर इंसान चाहता है. उसकी उम्र लंबी हो. क्योंकि उसे अपनी जिंदगी जीने और कुछ कर दिखने के लिए ज्यादा वक्त मिल सके. परंतु इस  दुनिया में कुछ ऐसे लोग भी जन्म लेते है.

जो कम से कम जीवनकाल में वह कर दीखते है. जिसे करने में किसी भी आम इंसान को कई वर्षो की मेहनत करनी पड़ती है. यह दिलचस्प कहानी है  “७ साल के एडमंड थॉमस क्लिंट” के जीवन की.जिसे पढके आपको भी हैरानी जरुर होगी जैसे मुझे हुई थी. तो चलिए पढते  है. Dilchasp kahaniyan in hindi

7 साल की उम्र में मरने से पहले 25000 पेंटिंग बनाने वाले एडमंड की कहानी – Dilchasp kahaniyan in hindi

एडमंड ने मृतु से पहले 25,000 + सराहनीय तस्वीरे अपने हाथोसे बनाई थी. 4 साल की उम्र एडमंड अपने घर के आस-पास होने वाले. धार्मिक त्योहार और पारंपरिक कार्यक्रमों में पंटिंग्स बनया करता था.

उसकी बनाई हुई पंटिंग्स देखने के बाद. किसि भी आम आदमी को विश्वास नहीं होता था. की वह पंटिंग किसी 4 साल के अबोध बालक ने बनाई होगी. पर जब वह खुद एडमंड को कलाकृतिया बनाते देखते.

तब उन्हें अपने आँखों पर यकींन नही होता था.क्योंकि जिस उम्र में बचों को माँ बाप अपने हाथोसे खाना खिलते है. उस उम्र में एडमंड इतनी विलक्षण पंटिंग बनता था.

जिस पेंटिंग की कला के विश्लेषणात्मक अध्ययन और प्रशिक्षण में वर्षों का समय लगता है. उस कला की सिद्धि को एडमंड ने केवल 4 से 5 साल की उम्र में हासिल कर लिया था.

इसीतरह एडमंड में 5 साल की उम्र में ही 18 साल के लडको एक चित्रकारों की प्रतियोगिता में धुल चटाई थी. और उस प्रतियोगिता में एडमंड ने पहला स्थान प्राप्त किया था.

एडमंड थॉमस क्लिंट – Dilchasp kahaniyan in hindi

अपनी अदभुत प्रतिभा से सबको चका चौंध करने वाले एडमंड थॉमस क्लिंट 15 April 1983 विशु के दिन. अपने किडनी खराब होने की बीमारी से भगवान को प्यारे हो गए.

एडमंड ने मरने से पहले जो 25000 पेंटिंग बनाई थी. उनमे से कुछ पेंटिंग्स को 1995 और 2007 में केरल के प्रदर्शनियों में दुनिया के सामने रखा गया था.

उसके माता पिता एम टी जोसेफ और चिनम्मा जोसेफ ने एडमंड क्लिंट यह नाम हॉलीवुड मूवी एक्टर क्लिंट ईस्टवुड के नाम पर रखा था.

केरल राज्य के कोच्चि में क्लिंट रोड को नामकरन एडमंड थॉमस क्लिंट के नाम पर ही किया गया है.

सेबेस्टियन पल्लीथोड नामक एक भारतीय लेखक ने एडमंड के जीवन से प्रेरित होकर “क्लिंट – निरालगुडे राजकुमारकुमार” (क्लिंट – द प्रिंस ऑफ कलर्स) इस नाम से एक बिओग्रफी भी लिखी है.

और उस नन्हे कलाकार की याद में निर्देशक हरिकुमार ने “Clint” नाम की फिल्म भी बनाई थी. जो 11 August 2017 को प्रदर्शित हुई थी.

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