Horror Story In Hindi

Bhayanak Horror Story In Hindi वैम्पायर डायरीज भाग 4 (अंत) bhoot ki kahani horror story in hindi darawni kahani ka blog hindi mein

(Hello, readers. I am presenting the latest bhayanak horror story. This is completely new and interesting Horror Story available on internet. Kindly comment after reading how much you like this bhayanak horror story. आप पढ़ रहे है दिल दहलादेनेवाली एक भयानक वैम्पायर की हॉरर स्टोरी.यह कहनी मैंनेखुद लिखी है .जिनको घोस्ट स्टोरी, हॉरर स्टोरी पढना पसंद है उनको ये स्टोरी जरुर पसंद आयेगी. ये भूत की कहनी आपको डर का एहसास जरुर कराएगी. मेरे ब्लॉग की और रचनाये जरुर पढ़े.

वैम्पायर डायरीज भाग 4 अंत Ek Bhayanak Horror Story

मैंने कमर से तलवार निकली और उसपर वार करने ही वाला था| तभी बहुत सारे जंगली चमगादडो ने हम पर एक साथ हमला कर दिया|

जैसे उन्हें किसी ने आदेश दिया था| हम थोडा पिछे हट गए| बाबुकाका के पास इसका उपाय पहलेसे ही था| उन्होंने जेब मेंसे लकड़ी की छोटी डंडी निकली और सिटी की तरह उसे फूंकना शुरू किया और चमत्कार सारे चमगादड वापस चले गए|

पर नंदू मुझपे अचानक से झपटा वो मुझे काटना चाहता था पर मैंने उसके मुह में पत्थर भरदिए |और उसके जबड़े पे जमके मुक्का मारा और लडखडाता हुआ पीछे गिरा|

वैम्पायर डायरीज भाग 1

काका बोले जल्दी करो हमें ऊपर पहुचना है|मैंने म्यान से तलवार निकली और नंदू का सिर धड से अलग कर दिया|

मै जब पहाड़ की चोटी पे पंहुच ने वाला था तबतक चंद्रग्रहण शुरू हो चूका था और वो शैतानो का सरताज एक बड़े काले पत्थर के उपर मेरी और पीठ करके बैठा था|

वो मौत का मंजर देखके मेरे दिल मे बिजली का झटका लगा जिससे डर और ताकत का एहसास एक साथ हुआ|

शैतानो का बादशहा मेरी ओर पीठ करके चन्द्र ग्रहण के आखरी पल गिन रहा था|और शायद अपनी मौत का इंतजार कर रहा था|बाबुकाका चोटी पर पोहोचने से पहले ही मुझे इशारा करके छुपकेसे घनी झाड़ीयों में चले गए थे |

शैतान के सामने (Bhayanak Horror Story)

मै आगे चलते-चलते उसकी पीठ के सामने जाके खड़ा हुआ|चंद्रग्रहण खतम होने में थोडा सा समय बाकि था|वो एक अजीब और जानलेवा आवाज निकलते हुए पीछे मुड़ा|

जब उसने मुझसे नजरे मिलाई| तब मुझे ऐसा लगा काँटों तो मेरे बदन में खून नहीं|वो मेरी जिदगी गा सबसे भयानक मंजर था|वो उठके खड़ा हुआ|उसका कद तक़रीबन ७ फिट का था|

कान लम्बे और नुकीले, तेजाब सी लाल आंखे सिर पे एक भी बाल नहीं हाता पांव बांस की लकड़ी जैसे पतले पर मजबूत|मुह किसी जंगली चमगादड़ जैसा था|और उससे लार टपक रही थी| नजाने कितनी सदियों से भूका था|

मेरी नजर उसपे ही थी वो धिरे धिरे निचे झुकाने लगा| मै भी तैयार था|वो मेरी और किसी जंगली कुत्ते की तरह झपटा|बड़ी बड़ी छलांग लगते हुए वो मुझ पर कूदा मै निचे झुकके आगे निकल गया|मे बस समय निकाल रहा था|

(Bhayank Horror story blog on Internet)

चंद्रग्रहन खतम होने का इंतजार

चन्द्र ग्रहण खतम होने में |बस कुछ ही पल बाकि थे और मैं ने शैतान को ललकारा बस शैतानो के बादशाह इतना ही कर सकता है|मेरे ये शब्द सुनने के बाद वो पागलो सा चिलाने लगा|एक पल के लिए मुझे लगा शायद मैंने उसे कुछ ज्यादा ही भड़का दिया|

वो असमान की तरफ देखके दहाड़ रहा था|दहाड़ इतनी डरावनी थी की|दिल की धडकने दो गुना तेज होने लगी|

मै उसकी बैठने की जगह पे जाके खड़ा हुआ|तब तक ग्रहण खतम हो चूका था चाँद की रोशनी जमीन तक आने लगी थी|मैंने कमर से खंजर निकल के आसमान में चाँद की रौशनी में चमकाया|

छुपी योजना पर अमल (Hindi Kahani ka blog)

और डट के उसकी आँखों से आंखे मिलाई|वो गुस्से से तिलमिला रहा था तब तक मेरी योजना अपने अंतिम चरण में थी|और मेरे पीछे खड़े थे बाबुकाका जो अपना काम कर चुके थे |उन्हें मैंने संदूक लाने भेजा था जो कि शैतान का उगम या फिर कहो जन्म स्थान था|

उस शैतान का दिल उस के सिने में नहीं उस बक्से में छुपाया गया था|यही वो पल था जीसके लिये मेरा जन्म हुआ था|बाबू काका ने संदूक मे से वो धड़कता काले खून वाला दिल निकलके मेरी और फैंका|

वैसे ही मैंने उस दिल की तरफ विजली की रफ़्तार से छलांग लगाई और वो नर पिसाच भी अपनी पूरी शक्ति से मरे पीछे पीछे झपटा पर इसबार इंसानियत का पलड़ा भारी था|और मेरा हाथ के खंजेर से शैतान का धडकता हुआ दिल बिचमेसे कट गया|पर अनहोनी अभी बाकि थी|

वैम्पायर का अंत Bhayank Horror story

शैतान ने मरते-मरते मुझे काट लिया है बाबू काका छोटे सरकार छोटे सरकार कहते हुए मेरे पास आऐ| उनकी आँखों में आसू थे|मैंने कहा मेरा काम पूरा हुआ काका अब गाँव वापस बस सकता हे|

मेरे पास समय कम है|क्योंकि वो दंश नर पिसाच का है |जिसका मौत के अलवा कोई इलाज नहीं|मैं एक पत्थर को पीठ लगाके बैठा हूँ और बाबुकाका को अलविदा कहदिया है|

क्योंकि मुझे महसूस हो रहा है की मैं भी नर पिसाच बन रहा हूं|मेरी बात मानके काका गाँव को सूचित करने निकले हें|

सुरोदय में कुछ ही क्षण बाकि है| और में अपनी पर्सनल डायरी में मेरी जिंदगीके आखंरी शब्द लिखरहा हूँ और मेरे सामने पड़ा वही तीसरा खंजर जिसपर शैतान के बाद अब मेरा खून लगने वाला है| अलविदा प्यारी दुनिया|

तो DEAR हिंदी STORY LOVERS आप सबको ये  वैम्पायर की  Bhayanak Horror Story   कैसी लगी कमेंट बॉक्स में जरुर बताए | और कहानी के १,२,३ भाग की  लिंक निचे है जरुर पढ़ना.

वैम्पायर डायरीज भाग 1

वैम्पायर डायरीज भाग 2

वैम्पायर डायरीज भाग 3

पढ़े और भी मनोरंजक कहानिया 

जिन्दा प्रेतों का तालाब भा.1

जिन्दा प्रेतों का तालाब भा.2

वीरान घाटी के भयानक प्रेत

रक्तपिसचिनी की भूक

बीडी मांगने वाला भूत

हॉन्टेड फ्लैट नंबर 303

ट्रिप टू खंडाला

नागिन पिशाच

भूतहा खंडहर का राज

भूत बंगला

श्रापित खजाना

भूतिया गाँव

प्रेत आत्मा का बदला

नर भक्षियों का आतंक

पहला प्यार

Top 3 Very Short Moral Stories

Top 3 Very Short Moral Stories

TOP 8 New Stories For Nursery Kids

Top 2 Latest Hindi Kahaniya For Kids

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *