20 मशहूर डॉग की नस्ल – Breeds of dogs in Hindi

इस दुनिया में महलों में रहने वाले लोगों से लेकर झोपडी में रहनेवाले लोगों तक. हर कोई डॉग को एक बेहतर साथी या पालतू प्राणी के रूप में सबसे पहला स्थान देता है. क्योंकि हर कोई जनता है.

बुद्धिमान और भरोसा करने लायक अगर कोई बेजुबान है. तो वह कुत्ता है. डॉग और इंसान का साथ कई हजार साल पुराना है. इसलिए तो महाभारत और रामायण जैसे महाकाव्यों में भी इसका उल्लेख मिलता है.

आपकी जानकारी के लिये. यह भी बता देता हूँ. की प्राचीन मोहनजोदड़ो की खुदाई में मालिक के साथ दफ़न हुए. एक कुत्ते के प्राचीन अवशेष मिले है.

साथही मिटटी डॉग की से बनी बहुतसी प्राचीन कलाकृतियां भी मिली है. खैर हम अब इस आर्टिकल के बारे में बात करते है. तो मेरे दोस्तों इस आर्टिकल में आपको भारत में पसंद की जाने वाली.

13 विदेशी डॉग और 7 भारतीय डॉग नस्लों की विशेष जानकरी प्राप्त होगी. साथही आपकी सुविधा के लिए इन सभी डॉग नस्ल की कीमत के और उन्हें कहा से ख़रीदे या गोद(ADOPT) लिए जासकते है.

यह जानकरी भी इसी लेख में प्राप्त होगी. तो चलिए दोस्तों शुरू करते है. Breeds of dogs in Hindi  का विशेष लेख.

Dog ki nasl

भारत में मशहूर १३ विदेशी डॉग की नस्लें- Breeds of dogs in Hindi

 

Breeds of dogs in Hindi
Dachshund

1)  डाक्सहूण्ड(Dachshund) – इस डॉग की नस्ल का विकास 16 वि शताब्दी में जर्मनी में हुआ था. डाक्सहूण्ड दिखने में बहुत प्यारे होते है. लेकिन स्वभाव से चंचल होने के कारण मनमानी करने की कोशिश करते है.

इस नस्ल के डॉग के पास गहरी बुधिमत्ता होती है. जिसकी वजह से यह निरीक्षण द्वारा ही बहुत कुछ सिख जाते है. इन्हें सबके आकर्षण का केंद्र बनना अच्छा लगता है. जिन परिवारों में उम्र में अधिक बड़े बच्चे है.

उस घर में ये कुत्ता पालने की सलाह दी जाती है. क्योंकि इन्हें पालने के लिए. ज्यादा समझदारी से काम लेना पड़ता है. स्वभाव से ही डाक्सहूण्ड अपने परिवार के प्रति अधिक समर्पित होता है.

और घर में अजनबी को पाते ही यह खूब शोर मचाता है. इस नस्ल के डॉग को हप्ते में कमसे कम एक बार बालो को ब्रशिंग करने की आवश्यकता होती है. और स्वस्थ के लिए इन्हें कभी कभी अपने साथ घर से बाहर टहलना पड़ता है.

नहीं तो ये मोटापे का शिकार हो सकते है. यह डॉग बिल्डिंग अपार्टमेंट और छोटे घरों में भी काफी आराम से रहते है. इनकी आयु 12 से 14 साल की होती है.

Dachshund को अपने परिवार का सदस्य बनाने के लिए.आपको 7000 से 9000 रूपये खर्च करने पड़ सकते है. और यदि आप चाहे तो डाक्सहूण्ड नस्ल के डॉग को legal तरीके से मुफ्त में अडॉप्ट भी कर सकते है.

Breeds of dogs in Hindi
Border Collie

2) बॉर्डर कोल्ली (Border Collie) – बॉर्डर कोल्ली इस नस्ल के डॉग की ओरिजिन एंग्लो स्कॉटिश बॉर्डर से है. इस नस्ल को मुख्य रूप से पशुधन यानिकी फार्म हाउस के जानवरों की रखवाली के लिए.

विकसित किया था. और यह इंसान की उम्मीद पर खरा उतरा. बॉर्डर कोल्ली एक उर्जावान और बेहद फुर्तीला डॉग है. शुरुवात में इसको ज्यादातर वही लोग पालते थे.

जिनके पास फार्म हाउस होते थे. पर समय के साथ-साथ इस डॉग की नस्ल को टेलीविजन जैसे माध्यम से प्रसिद्धी मिलती गई और बॉर्डर कोल्ली ने अपार्टमेंट वाले घरों में भी अपनी जगह बनाली.

यह डॉग अपनी आज्ञाकारिता के लिए प्रसिद्ध है. अपने मालिक के आदेश को स्वीकारना. तो मानो इनके खून में होता है. बॉर्डर कोल्ली के स्वभाव अनुसार इसे खेलना कूदना और खास करके दौड़ना बहुत पसंद है.

इसलिए इसे एक एथलेटिक डॉग भी कहा जाता है. अगर आप भी बॉर्डर कोल्ली को पालने की इच्छा रखते है. तो एक बात का ध्यान रखे इसे रोजाना 1 से 2 घंटे घर से बाहर घुमाने लेजाना और इनके साथ समय बिताना बहुत ही जरुरी है.

क्योंकि ऐसा नहीं करने पर यह तनाव में आजाते है.और घर की चीजे जैसे चप्पल सोफे वायर इत्यादि चाबते है. सिर्फ घर में बैठे रहने वाले लोगो के लिए यह डॉग एक अच्छी चॉइस नहीं है. बॉर्डर कोल्ली की आयु सीमा 12 से 15 साल तक है.

यह आपके बच्चों के साथ मस्ती करने के लिए. और घर के रखवाली के लिए भी एक अच्छी पसंद है. देख रेख के लिहाज से इनके बाल लंबे होने के वजह से इन्हें हप्ते में एक या दो बार इनके बालों को ब्रशिंग करने की आवश्कता होती है.

इस नस्ल के डॉग को अपने घर का हिस्सा बनाने के लिए. आपको 20,000 से 40,000 रूपये खर्च करने की आवश्कता होगी.

Breeds of dogs in Hindi
English Cocker Spaniel

3)  इंग्लिश कॉकर स्पेनियल (English Cocker Spaniel) – इस नस्ल के डॉग का मूल जन्म स्थान इंग्लंड है. लेकिन इनकी खूबसूरती और चतुर स्वभाव की वजह से इसे दुनियाभर में पसंद किया जाता है.

स्वभाव से ही इंग्लिश कॉकर स्पेनियल इंसानों के साथ जल्दी घुलने मिलने वाला डॉग है. इस नस्ल के डॉग काफी बुद्धिमान और सतर्क होते है. यह परिवार में किसी एक इंसान के प्रति ज्यादा आकर्षित रहता है.

ज्यादातर जो इसे खाना खिलाता है. यह डॉग काफी खुशमिजाज किस्म के होते है. इन्हें हर वक़्त किसी ना किसी का साथ चाहिए होता है. ये अकेले एक कोने बैठे रहना बिलकुल पसंद नहीं करते.

जिन परिवारों में छोटे बच्चे है. तो उनके साथ खेलने और उन्हें एक वफादार साथी देने के लिए. इंग्लिश कॉकर स्पेनियल एक बढ़िया विकल्प है. क्योंकि बच्चों के साथ खेलना और लोगों से घिरे रहना इन्हें बहुत पसंद होता है.

एक बात का ध्यान जरुर रखे यह डॉग ज्यादा ऊँची स्वरों वाली आवाजो से परेशान हो जाते है. इसलिए इन्हें शोर शराबे वाली जगह से दूर रखे.

इंग्लिश कॉकर स्पेनियल की आयु मर्यादा 11 से 12 साल की होती है. अगर आप इस नस्ल के डॉग को अपना बनाना चाहते है. तो आपको 6,000 से 15,000 रुपए खर्च करने होगे.

Breeds of dogs in Hindi
Bull Terrier

4)  बुल टेरियर (Bull Terrier)  – इस नस्ल के डॉग को 19 वी शताब्दी में जेम्स हिंक्स नामक व्यक्ति ने विकसित किया था. अंडे के आकार का सिर, त्रोकोनी आंखे और एक मजबूत शरीर की वजह से.

यह डॉग सभी नस्लों में अपनी एक अलग पहचान बना चूका है. बुल टेरियर एक प्यारा पालतू कुत्ता है. कोई फाइटर या आक्रामक डॉग नहीं है. यह डॉग ब्रीड अपने परिवार के साथ बडेही स्नेह के साथ रहती है.

बुल टेरियर स्वभाव से थोड़े चचंल और मनमानी करने वाले होते है. इसलिए इन्हें अधिक समय तक खाली बैठना और अकेले रहना पसंद नहीं. इन्हें खेलते रहना और उधम मचाना बहुत पसंद है.

क्योंकि यह एक उर्जावान डॉग है. आप अपने घर की सुरक्षा का भार इन्हें आसानी से सौंप सकते है. क्योंकि बुल टेरियर एक बेहतर “Watch dog” भी है. अपने परिवार के सदस्य के आलावा किस अंजन व्यक्ति के मौजूदगी महसूस होनेपर यह सतर्क हो जाते है.

बुल टेरियर पालने से पहले एक बात का ध्यान रखे. इस नस्ल के डॉग को स्वस्थ रखने के लिए. इन्हें रोजाना कसरत की जरुरत होती है.

इसलिए इन्हें बाहर खेलने या लंबी दुरी तक टहलने अपने साथ जरुर लेजाये. बुल टेरियर की उम्र 12 से 13 साल तक होती है. इंडिया में बुल टेरियर 35000 से 45000 तक की कीमत में मिलजाता है.

Breeds of dogs in Hindi
Chihuahua

5) चिहुआहुआ (Chihuahua) – चिहुआहुआ की मूल उत्पति कहा हुई?. इसके विषय में कोई ठोस साबुत आजतक प्राप्त नहीं हुआ है. पर कुछ इतिहासकारों की मान्यता अनुसार चिहुआहुआ नस्ल के डॉग का जन्मस्थान मेक्सिको माना जाता है.

आकार में छोटा और सुंदर होने की वजह से यह कई डॉग प्रेमियों के पहली पसंद बनचूका है. खास करके महिलाएं इसे ज्यादा पसंद करती है.

चिहुआहुआ का स्वभाव उसे पलनेवाले ने उसे किस तरह पाला है. इसपर निर्भर करता है. और इसबात से भी इंकार नहीं किया जा सकता. की चिहुआहुआ पर मालिक के स्वभाव का भी प्रभाव रहता है.

चिहुआहुआ अपनी नस्ल के डॉग्स के साथ रहना ज्यादा पसंद करता है. पर अगर आप इसे अच्छी तालीम दे और इसका सामाजीकरण करे. तो यह एक अच्छा साथी बन सकता है. चिहुआहुआ की आयु सीमा दुसरे कुत्तो के मुकाबले अधिक होती है.

यह 10 से 17 वर्षों तक जीवित रह सकता है. अगर आप चिहुआहुआ को अपने घर का हिस्सा बना रहे है. या बना चुके है तो एक बात अवश्य ध्यान में रखे. चिहुआहुआ को जरूरत से अधिक खिलते रहने से. इसके स्वास्थ पर बुरा असर हो सकता है.

यह मधुमेह जैसी बीमारी से पीड़ित हो सकता है. इस डॉग ब्रीड को अपने घर का नया सदस्य बनाने के लिए. आपको चिहुआहुआ पप्पी के 10000 रूपये और बड़े चिहुआहुआ के लिए 15000 से 20000 रूपये खर्च करने होगे .

breeds of dogs in hindi
Pomeranian

6) पोमेरेनियन (Pomeranian) – पोमेरेनियन डॉग को अक्सर पॉमेरियन और पामोलियन कहा जाता है. पर वो गलत उच्चारण है. इसका सही नाम “पोमेरेनियन” है. इस नस्ल को जर्मन स्पिट्ज का वंशज माना जाता है.

इसकी उत्पति का मूल जर्मनी को दर्शाया गया है. पोमेरेनियन दुनियाभर में मशहुर करने का सबसे अधिक श्रेय रानी विक्टोरिया को जाता है. क्योंकि 18 वीं शताब्दी में रानी विक्टोरिया के पास Turi नामा का पोमेरेनियन था.

जिसे वह बहुत प्यार करती थी. तब से यह डॉग नस्ल पूरी दुनियाभर में लोकप्रिय हो गई. पोमेरेनियन नस्ल के डॉग का मूल स्वभाव दोस्ताना होता है. यह अपने मालिक और परिवार के साथ बहुत जल्दी घुल मिल जाते है. और यह हर वक्त अपने परिवार के आस पास रहना पसंद करते है.

इनको अच्छी तरह प्रशिक्षित किये जानेपर. वे आज्ञाधारक बन सकते है. अन्यथा पोमेरेनियन अपनी मन मानी करने से भी पीछे नहीं हटते. इन्हें ठंडा वातावरण अधिक प्रिय होता है.

इसलिए आप ने भी शायद पोमेरेनियन को कभी ना कभी टाइल वाली ठंडी फर्श पर आरामसे लेटा हुआ देखा ही होगा. पोमेरेनियन एक बुद्धिमान और सतर्क डॉग है.

घर के बाहर या अन्दर कोई संदिग्ध आवाज होनेपर. यह तुरंत भोंकना शुरू कर दते है.और तब नहीं रुकता जबतक आवाज का कारण ना पता चले.

यह डॉग नस्ल अपने मालिक की सुरक्षा के लिए आक्रामक भी हो सकते है. पोमेरेनियन विशेषता अपार्टमेंट में रहनेवाले परिवारों के लिए बहुत उपयुक्त है.

इसकी आयु 12 से 16 साल तक की है. और इस डॉग नस्ल को अपने परिवार का नया सदस्य बनाने के लिए आपको 5000 से 15,000/- तक कीमत अदा करनी होगी.

Breeds of dogs in Hindi
Dalmatian

7)  दलमतियन(Dalmatian) – डॉग की नस्ल को “Vero Shaw” नामक व्यक्ति ने 1882 इंग्लंड में विकसित किया था. दलमतियन डॉग ब्रीड का जन्म मुख्यता “coach dogs” काम लिए हुआ था. इनकी उपयोगिता की बात करे.

तो शुरुवात में यह डॉग शिकार, सुरक्षा, के काम करता था. साथही पुराने जमाने की अग्निशामक गाड़ी को और आमिर व्यापरियों के घोड़ो को राह दिखने के (राह दिखाने का अर्थ दलमतियन उनके आगे आगे दौड़ता था) लिए उपुक्त था.

अब दलमतियन इस डॉग नस्ल को विश्वस्तर पर मान्यता मिल चुकी है. यह डॉग कई हॉलीवुड मूवी का लीड एक्टर भी रह चूका है. दलमतियन एक उच्च स्तर की उर्जा वाला डॉग है.

इसे खुश और तंदुरुस्त रखने के लिए. कसरत की आवश्यकता होती है. इसे दौड़ना कलाबाजी करना बहुत पसंद होता है. अगर आप इस डॉग को पालने की सोच रहे है.

तो आपको इसे रोज समय देना होगा. और अगर आपके परिवार में छोटे बच्चे है. तो उनके साथ खेल कूद और मनोरंजन के लिए. दलमतियन डॉग के बहुत ही बढ़िया विकल्प है.

इस डॉग को कुछ खास ट्रिक और कलाबाजी का प्रशिक्षण देकर. इसे डॉग प्रतियोगिता के लिए भी तैयार कर सकते है. घर परिवार की सुरक्षा के लिये भी इस डॉग पर भरोसा कर सकते है.

ये काफी अच्छे watchdog भी होते है. और अपने परिवार के प्रति पूरी तरह समर्पित रहते है. इस डॉग की आयुसीमा 15 से 16 साल हैं. और एक अच्छी नस्ल का दलमतियन पप्पी खरीदने के लिए. आपको 20000 से 30000 तक रूपये खर्च करने होगे.

Breeds of dogs in Hindi
Alaskan Malamute

8) अलास्कन मलामुट (Alaskan Malamute) – इस प्रजाति के कुत्ते उत्पति यूनाइटेड स्टेट्स अलास्का में हुई थी. अलास्कन मलामुट शुरुवात में. बर्फ में गाड़ी खीचने के लिए इस्तेमाल किये जाते थे.

और इस डॉग को उत्तम दर्जे का शिकारी होने का का सम्मान भी प्राप्त है. क्योंकि यह एक वयस्क भालू का भी शिकार करने की क्षमता रखते है. वक्त बदलने के साथ-साथ अब यह डॉग की नस्ल ने लोगो के घर में अपनी एक विशेष जगह बना ली है.

आमतौर पर यह डॉग एक शांत स्वभाव का प्राणी है. और कम भौंकता है. पर इसकी क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए. इसे घर की सुरक्षा के लिए भी पाला जाता है. अलास्कन मलामुट नस्ल के कुत्ते शुरवात से ही मानव प्रेमी रहे है.

इन्हें इंसानों का साथ पसंद है. अगर आप इस प्यारे डॉग को पालने की सोच रहे है. तो यह बात भी ध्यान में जरुर रखे. की मलामुट को सक्रीय और स्वस्थ रखने के लिए. आपको इन्हें रोज समय देना होगा. अर्थात पार्क में इनके साथ कोई गेम खेलना.

याफिर दूर तक जॉगिंग ले जाना होगा. अलास्कन मलामुट की आयुसीमा 16 साल तक होती है. और इसे अपने परिवार का हिस्सा बनाने के लिए आपको 65,000 से 85,000 रुपए खर्च करने होगे.

 dog ki nasl
Dobermann

9)  डोबर्मन पिंसर (Dobermann) – इस डॉग नस्ल को कार्ल फ्रेडरिक नामक वक्ती ने 1890 में जर्मनी में विकसित किया था. डोबर्मन एक उत्कृष्ट रक्षक कुत्ते के रूप में ज्यादा पहचान मिली है. जिस वजह से इन्हें पुलिस, मिलिट्री में भी इस्तेमाल किया जाता है.

लेकिन अब डोबर्मन पिंसर आम लोगो के परिवारों को भी हिस्सा बनचुका है. यह डॉग दुनियाभर में 16 वीं सबसे लोकप्रिय कुत्ते की नस्ल हैं. क्योंकि यह बुद्धिमान, सतर्क और दृढ़ निष्ठावान साथी भी है.

यह आसानी से अपने मालिक का सन्मान करना उनके आदेशो का पालन करना सिख जाते है. डोबर्मन बाहरी अजनबी और दुसरे कुत्तो के प्रति ज्यादा आक्रामक होते है.

परंतु बचपन से ही अगर इनके सामाजीकरण और तालीम पर ध्यान दिया जाये. तो यह आपके लिए. सबसे बेहतरीन साथी और रक्षक साबित हो सकता है.

डोबर्मन पिंसर ऊर्जावान और चंचल स्वभाव के होते है. इसलिए कार्यरत रहना इनका स्वभाव है. जिनके पास कोई फार्म हाउस है. तो उन्हें तो इस नस्ल के कुत्ते को जरुर पालना चाहिए.

इनकी आयुसीमा 9 से 12 साल तक होती है. इस रक्षक डॉग को अपने परिवार का साथी बनाने के लिए. आपको 18,000 से 20,000 रुपये खर्च करने होगे.

dog ki nasl
Siberian Husky

10) साइबेरियन हस्की (Siberian Husky) – इस नस्ल के डॉग का जन्म ३००० साल पहले सायबेरिया में हुआ था. और इसका श्रेय Chukchi नामकी जनजाति को दिया जाता है.

जिन्होंने इसकी ब्रीडिंग करई थी. Chukchi लोगोंने साइबेरियन हस्की को बर्फ में गाड़ी खींचने और शिकार के लिए विकसित किया था. इस डॉग नस्ल के पास बिना थके दौड़ने की अदभुत क्षमता होती है.

अब यह मेहनती कुत्ता बहुतसे घरों में शान से पाला जाता है. साइबेरियन हस्की एक बेहद बुदिमान और इंसानी भाषा को गौर से सुनने और समजने वाला कुत्ता होता है.

इस नस्ल के डॉग को इंसान और दुसरे प्रजाति के कुत्तो के साथ एक होने के लिए. बचपन से ही प्रशिक्षण और सामाजीकरण की सक्त आवश्कता होती है.

बिना अनुशासन साइबेरियन हस्की अडियल और जिद्दी स्वभाव के बन जाते है. जो कि एक खतरनाक बात साबित हो सकती है. हस्की को बर्फीली जगह पर काम करने के लिए बनाया गया था.

इसलिए हस्की को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखने के लिए. रोजाना मैदानी कसरत की जरुरत होती है. बिना कसरत के यह मोटापे का शिकार हो सकता है.

इसके मीडियम लम्बे बालो को हप्ते में कमसे कम दो बार देखभाल की जरुरत होती है. और एक बात ध्यान जरुर रखे यह डॉग नस्ल सायबेरिया जैसे ठंडे प्रदेश में जिंदा रखने के लिए बनी है.

जिस वजह से इसकी अच्छी सेहत के लिए. इसे ठंडे वातावरण की जरुरत होती है. सिर्फ अपना शौक पूरा करने के लिए. इस प्यारे जिव को गर्म जगह ना रखे.

साइबेरियन हस्की की आयुसीमा 12 से 14 साल होती है. और भारत में साइबेरियन हस्की पिल्ले की कीमत 60,000 से 80,000 रूपये होती है.

dog ki nasl
Boxer dog

11) बॉक्सर (Boxer) – इस नस्ल के डॉग का जन्म १८०० दशक के अंत में हुआ था. बॉक्सर डॉग विलुप्त बुलेनबीसर डॉग और ग्रेट ब्रिटेन के बुलडॉग की क्रॉस ब्रीडिंग से उत्पन हुआ है.

यह डॉग नस्ल अपने पीछे वाले पैरो पर खड़े होकर. आगेवाले पैरो से अपने दुश्मन पर हमला करता था. जिस वजह से इसे बॉक्सर नाम से संबोधित किया जाने लगा.

बॉक्सर स्वभाव से कोई आक्रामक नस्ल नहीं है. इनका व्यवहार बहुतही मिलनसार और मित्रतापूर्ण होता है. इसी वजह से बॉक्सर को लोग अपने परिवार का हिस्सा बनाना पसंद करते है.

इस बेहद ताकतवर कुत्ते का स्वभाव चंचल होता है. इसलिए इन्हें बचपन से ही अच्छे प्रशिक्षण की जरुरत होती है. इनका छोटे बच्चों के प्रति व्यवहार बहुत अच्छा होता है.

यह अपने परिवार और घर की रखवाली भी बड़े ध्यान से करते है. सभी नस्ल के डॉग्स की तरह बॉक्सर को भी बच्चपन से ही समाजीकरण की आवश्यकता होती है.

बॉक्सर की बुद्धिमान प्रवृति को ध्यान में रखते हुए. इन्हें पुलिस दल, अंधे व्यक्ति की सहायता जैसे जिमेदारी वाले काम में भी इस्तेमाल किया जाता है.

बॉक्सर डॉग की आयु 9 से 15 साल तक होती है. और इस डॉग को अपनाने के लिए इंडिया में आपको 6000 से लेकर 50000 हजार रुपये कीमत चुकानी होगी.

dog ki nasl
Great Dane

12) ग्रेट डेन (Great Dane) – इस डॉग नस्ल का जन्म 16 वी शताब्दी के मध्यकाल में जर्मनी में हुआ था. ग्रेट डेन को सभी डॉग जनजाति का Apollo कहा जाता है.

अपोलो का अर्थ होता है. ग्रीक के सूर्य देवता. इसके नरम स्वभाव और अच्छे बर्ताव के लिए इसे “Gentle Giant ” इस नाम से भी सम्मानित किया गया है.

ग्रेट डेन को विश्व मे सबसे ऊँचा और विशाल डॉग होने का किताब भी प्राप्त है. यह डॉग की प्रजाति विशाल होकर भी इनका स्वाभाव काफी दोस्ताना और शांत होता है.

ग्रेट डेन खास करके बच्चों के साथ बड़ी तहजीब से पेश आते है. इन्हें पूरी दुनिया में शौक से पाला जाता है. अन्य डॉग नस्ल की तरह ग्रेट डेन को भी रोज टहलने की आवश्कता होती है. पर एक बात ध्यान में रखे. इसे अति व्यायाम नहीं करवाना चाहिए.

मुख्यता जब ग्रेट डेन पप्पी बड़ा हो रहा होते है. तब इसका ध्यान रखना चाहिए. क्योंकि इन्हें जोड़ों और हड्डियों से संबधित आरोग्य समस्या होने का खतरा बना रहता है.

ग्रेट डेन कभी भी अपनी विशाल ताकत का प्रदर्शन नहीं करता. यह अक्सर शांत रहते है. लेकिन अपने मालिक और घर की रक्षा करना ग्रेट डेन बहुत अच्छे तरीके स जानता है.

अगर आप इस gentle giant को पालने की सोच रहे है. तो यह एक अच्छा विचार है. पर ग्रेट डेन की तालीम और सामाजिकीकरण के का ध्यान जरुर रखे.

ग्रेट डेन डॉग नस्ल की उम्र सिर्फ 8 से 10  साल होती है. और इसे अपने घर का हिस्सा बनाने के लिए आपको 30000 से 50000 हजार कीमत अदा करनी होगी.

dog ki nasl
German Shepherd

13) जर्मन शेफर्ड (German Shepherd) – इस डॉग नस्ल को 1899, जर्मनी में विकसित किया गया था. जर्मन शेफर्ड एक कामकाजी कुत्ते की नस्ल है. जिन्हें मुख्यता गड़रियो की भेड़ बकरियों का ध्यान रखने के लिए.

विकसित किया गया था. लेकिन इसकी सूज बुझ, आदेश पालन करने की खूबी, सूंघने की अद्वितीय क्षमता और बहुत से गुणों के कारण इन्हें मिलिटरी, पुलिस, प्राइवेट डिटेक्टिव और बहुत से रक्षक दलों में स्थान दिया जाता है.

जर्मन शेफर्ड दुनिया में सबसे अधिक अपनाई जाने वाली नस्ल है. यह एक बेतरह पहरेदार और रक्षक कार्य में माहिर होते है. इसलिए इसे गाँव से लेकर बड़े शहरों के हाई प्रोफाइल अपार्टमेंट में एक पाला जाता है.

जर्मन शेफर्ड की विशेषता और बड़े कारनामो के कारण. इनके उपर बहुत सी किताबे भी लिखी जा चुकी है. यह डॉग नस्ल अपने परिवार के प्रति प्रेम की भावना रखता है.

और अपने मालिक के घर की सुरक्षा बड़े ध्यान से करता है. बच्चों के साथ भी इनका व्यवहार सौम्य रहता है. इसके नित्य अभ्यास और सामाजीकरण पर ध्यान देने से.

यह आपके लिए एक बेहतर साथी साबित हो सकता है. इस नस्ल के डॉग 9 से 13 साल की आयु तक जीवित रहते है. एक जर्मन शेफर्ड पिल्ले की कीमत 20000 से 40000 तक होती है.

भारत ने विकसित की गई 7 स्वदेशी Breeds of dogs in hindi

Breeds of dogs in Hindi
Rampur Greyhound

1) रामपुर ग्रेहाउंड (Rampur Greyhound): यह भारत में विकसित कि गई डॉग की नस्ल है. जिसे बीसवी शताब्दी के शुरुवात में. नवाब अहमद अली खान ने अफगान हाउंड और इंग्लिश ग्रेहाउंड की क्रॉस ब्रीडिंग द्वारा विकसित किया था.

रामपुर ग्रेहाउंड नस्ल के निर्माण का मुख्य उदेश एक नए शिकारी कुत्ते को बनाना था. और उमीद के मुताबिक रामपुर ग्रेहाउंड एक बेहतर शिकारी निकले भी.

शिकार के आलावा यह डॉग अपने मालिक और परिवार के प्रति समर्पित होते है. इस डॉग नस्ल का व्यवहार छोटे बच्चों के प्रति बहुत कोमल रहता है. बाकि विदेशी डॉग नस्ल की तरह रामपुर ग्रेहाउंड को पालने में.

कोई अधिक खर्चा नही करना पड़ता. यह किसी भी अपार्टमेंट, रो हाउस. में आराम से रहते है. और फार्म हाउस के लिए तो यह एक बेहतर पहरेदार और रक्षक है.

क्योंकि रामपुर ग्रेहाउंड में भरपूर साहस होता है. जरूरत पढने पर अपने मालिक के लिए. यह अन्य जंगली हिंसक पशु से भी भीड़ जाते है.

इस डॉग की नस्ल की उम्र 9 से 15 साल होती है. और इस भारतीय डॉग नस्ल को अपने घर या फार्म हाउस का हिस्सा बनाने के लिए. आपको 5000 से 12000 खर्च करने होगे.

Breeds of dogs in Hindi
Kumaon Mastiff

2) कुमाऊं मास्टिफ (Kumaon Mastiff) – यह भारत में पायी जानेवाली बेहद दुर्लभ डॉग नस्ल है. जिसे हिमालय पहाड़ी में रहनेवाले कुमाऊं जनजति के लोगो द्वरा विकसित किया गया था. पर एक लोक धारणा यह भी है.

की इस डॉग नस्ल को 300 ई० पूर्व विश्व विजेता महान सिकंदर ने भारत में लाया था. कुछ मूल्यांकन अनुसार पुरे भारत में कुल 200 के करीब ही कुमाऊं मास्टिफ शेष है.

तो आप अगर इस दुर्लभ नस्ल को पालने की सोच रहे है. तो आपको इसकी खोज में बहुत मेहनत करनी पड़ेगी. क्योंकि यह आसानी से नहीं प्राप्त होते.

कुमाऊं मास्टिफ जन्मजात साहसी वृति के होते है. पहाड़ी इलाखो में यह नस्ल अपने मालिक,खेत, पशुधन, की सुरक्षा के लिए भेडिये और तेंदुए जैसे भयंकर हिंसक पशुओं से भी भीड़ जाते है.

इस डॉग नस्ल को पालतू बनाने के लिए. अनुभव की आवश्यकता होती है. इसलिए कुमाऊं मास्टिफ को अपना सबसे पहला डॉग नहीं बनाये. यह नस्ल भी दुसरे डॉग्स की तरह परिवार और समाज के साथ घुल जल्दी ही मिल जाता है.

लेकिन यह बात याद रखे की इस डॉग को ट्रेनिंग और समाजीकरण की सक्त जरुरत होती है. क्योंकि यह थोड़ो गुसैल स्वभाव के होते है.

कुमाऊं मास्टिफ का जीवनकाल 10 से 12 वर्षों का होता है. कुछ डॉग ब्रीडर इसे 60,000 और कभी कभी 100,000 तक की रक्कम की मांग करते है.

Breeds of dogs in Hindi
Bakharwal dog

3) बखरवाल डॉग (Bakharwal dog) – इस नस्ल का जन्म स्थान भारतीय उपमहाद्वीप (जम्मू और कश्मीर) है.गुर्जर और बेकरवाल जनजाती के लोगों ने अपने भेड़ बकरिया, मवेशियों के संरक्षण के लिए विकसित किया था.

यह मध्यम आकार और बड़ीही मजबूत हड्डियों वाला कुत्ता है. जो दिखने में शानदार होता है. इसका आहार भी शाकाहारी और सादा होता है.

जैसे की चावल या मक्का से बनी रोटी, और दूध. जिनके पास फार्म हाउस, और खेत है. उनके लिए. यह अधिक उपयुक्त है. क्योंकि सुरक्षा के लिहाज से बखरवाल डॉग एक उच्च दर्ज का पहरेदार है.

इस डॉग को अपर्मेंट और छोटे मे भी पाल सकते है. बखरवाल डॉग नस्ल अपने परिवार और मालिक के साथ बड़े प्यार से घुल मिलजाते है. यह डॉग अपने परिवार और घर के लिए.

एक बहुत अच्छा सुरक्षा रक्षक है. इस डॉग नस्ल का जीवन कल 10 से 12 साल का होता है. और इसे अपने घर का सदस्य बनाने के लिए 60000 से 100000 रुपए तक खर्च करने होगे.

dog ki nasl
Gaddi kutta

4) गद्दी कुत्ता (Gaddi kutta) – इस डॉग नस्ल का मूल जन्म स्थान “northern India” है. गद्दी कुत्ता को इंडियन लेपोर्ड हाउंड और हिमालयन शीप डॉग भी कहा जाता है.

यह डॉग आज भी दुर्गम स्थानों पर भेड़, बकरी, मवेशियों की रखवाली कर रहा है. गद्दी कुत्ता गडरिया लोगों (पशुधन का संगोपन करनेवाले लोग) के लिए कुदरत का एक वरदान साबित हुआ है.

क्योंकि विकट परिस्थिति में गद्दी कुत्ता गड़रियों और उनके पशुधन के लिए. हिम तेंदुआ जैसे चलाख और हिंसक प्राणी से भी भीड़ जाते है. शरीर से बलवान होने के बावजूद भी गद्दी कुत्ता में मित्रता की भावना कायम है.

यह परिवार, बाहरी समाज और दूसरी प्रजाति के कुत्तो के साथ अदब से रहते है. लेकिन और कुत्तो की तरह इन्हें भी बचपन से अनुशासन और सामाजीकरण की सख्त आवश्यकता होती है.

यह डॉग हिमालय जैसी दुर्गम विभाग में जीवित रहने के लिए बना है. इसलिए इसकी शारीरिक क्षमता बरकरार रखने के लिए. इसे नित्य व्यायाम की जरुरत होती है.

यह नस्ल अपार्टमेंट लाइफ और ज्यादा गर्म वातावरण वाले क्षत्रों के लिए उपयुक्त नहीं है. लेकिन अगर कोई डॉग्स लवर इन्हें अपने फार्म हाउस के लिए पालना चाहते है.

तो यह एक बढ़िया निर्णय होस सकता है. इसके बड़े बालो को देखभाल की भी जरूरत होती है. गद्दी कुत्ता का जीवनकाल 10 से 12 साल होता है. इस डॉग को अपने परिवार का सदस्य बनाने के लिए. आपको 15000 से 20000 तक की कीमत चुकानी पड़ेगी

dog ki nasl
Rajapalayam

5) राजपालयम (Rajapalayam dog) –  इस डॉग की नस्ल का विकास भारत के तमिलनाडु में ही हुआ था. तमिलनाडु में स्तिथ राजापलयम शहर के नाम पर ही इसका नामकरण किया गया है.

राजपालयम दिखने में काफी सुंदर होते है. विशेषता इनकी आंखे गोल्डन, ग्रीन या ब्राउन कलर की भी होती है. जो इनकी खूबसूरती में चार चाँद लगती है.

इस नस्ल को पॉलीगर हाउंड और इंडियन घोस्ट हाउंड के नाम से भी पहचाना जाता है.एक समय में दक्षिण भारत के राजाओं के शिकार अभियान में राजपालयम सबसे आगे रहता था. यह एक निडर डॉग नस्ल है.

यह अपने दम पर अकेले शिकार करने का भी साहस रखते है. और समय आने पर अपने स्वामी के लिए लड़ते हुए. प्राण देने से भी पीछे नहीं हटते. इसीलिए यह डॉग आपके परिवार और घर की सुरक्षा के लिए.

एक बेहतर सुझाव है. यह छोटे बच्चों के साथ भी अच्छी तरह घुल मिल जाते है. इन्हें पालने में विदेशी कुत्तो की तरह हजारो लाखो का खर्च भी नहीं करना पड़ता.

राजपालयम डॉग नस्ल की खूबियों से भारत सरकार भी परिचित है. इसलिए 9 जनवरी 2009 को भारतीय डाक सेवा ने भारत के ही चार डॉग नस्लों के डाक टिकट (स्टैंप) इस्सू किये थे.

हिमालयन शीपडॉग, रामपुर हाउंड, मुधोल हाउंड और राजपालयम . जिनमे सिर्फ राजपलयम डाक टिकट स्टैंप 15 रुपए का था. और बाकि 3 डॉग नस्ल के स्टंप की कीमत 5 रूपये थी.

इस डॉग का जीवनकाल 12 साल या उस्ससे अधिक हो सकता है. और इसे अपना पालतू डॉग बनाने के लिए आपको 9,000 से 12,000 खर्च करने होगे.

dog ki nasal
Mudhol hound

6) मुधोल हाउंड (Mudhol hound) – यह एक भारतीय डॉग की नस्ल है. जिसे मराठा हाउंड,पश्मी हाउंड, काठवार कुत्ता और कारवांन हाउंड इन चार नमो से भी पहचाना जाता है.

मुधोल हाउंड भारत में प. बंगाल, असम, कर्नाटक, और हिमाचल इन प्रदेशों में पाया जाता है. मुधोल हाउंड एक शिकारी कुत्ता है. इसे इसके साहस और स्वामिभक्ति के लिए जाना जाता है.

इस आज्ञाकारी डॉग को इंडियन आर्मी में भी इस्तेमाल किया जाता है. यह चुस्ती और फुर्तु में किसी विदेशी कुत्ते से भी कम नहीं है. यह एक अच्छा साथी और पहरेदार भी है.

इसलिए भारत के बहुत सारे परिवारों ने इसे अपने घरो में स्थान दिया है. कर्नाटक के मुधोल विभाग में लगभग 750 से भी अधिक परिवार इसे पाल रहे है.

वह इसकी ब्रीडिंग और इसका प्रचार भी करते है. मुधोल हाउंड का जीवनकाल 10 से 12 साल का होता है. इस डॉग नस्ल को अपना पालतू बनाने के लिए. आपको 6000 से 7000 खर्च करने होगे.

Breeds of dogs in Hindi
Indian Spitz

7) इंडियन स्पिट्ज (Indian Spitz) – फोट देखकर आपको लगा होगा की यह तो पोमेरेनियन नस्ल का डॉग है. पर यह सच नहीं है. इंडियन स्पिट्ज और पोमेरेनियन दो अलग-अलग नस्ल के डॉग्स है.

इस डॉग नस्ल को अंग्रेजो द्वरा 19 वि श्तार्ब्दी में भारत मे ही जर्मन स्पिट्ज की ब्रीडिंग द्वारा बनाया गया था. इंडियन स्पिट्ज की खासियत इनकी बुद्धिमता है.

यह तेजी से सीखने में माहिर होते है. इनकी इंसानी भावनाओं को बहुत अच्छी तरह से समझने की काबिलियत इन्हें और भी बेशकीमती बनती है. इस नस्ल के डॉग ने hum apke hai kon सिनेमा में टफी नामके कुत्ते का रोल बखूबी निभाया था.

आपको इंडियन स्पिट्ज को ट्रेनिंग देने में ज्यादा मशकत भी नहीं करनी पड़ेगी. इस डॉग को रखने के लिए की सी खास वातावरण की या रख रखाव की भी जरुरत नहीं पड़ती.

महीने में एक या दो बार नहलाने से भी यह डॉग साफ रहेगा. क्योंकि इसके स्वभाव अनुसार यह खुद गंदगी से दूर रहता है. इंडियन स्पिट्ज को आप अपार्टमेंट से लेकर छोटे रो हाउस में भी रख सकते है.

यह डॉग इसकी खुबसूरती और होशियारी के साथ-साथ आपके घर को काफी अच्छी सुरक्षा भी प्रदान करेगा. इस डॉग को अपना बनने के लये आपको 2000 से लेकर 6000 तक रूपये खर्च करने होंगे.

अगर आप चाहे तो इंडियन स्पिट्ज को मुफ्त में अडॉप्ट (गोद) भी ले सकते है.

सूचना : खरीदने से बेहतर आप चाहे तो किसी बेसहारा डॉग को गोद लीजिये. गोद लिए जाने वाले डॉग्स की कोई कीमत नहीं ली जाती.

इस आर्टिकल में जानकरी दिए गए डॉग्स को खरीदने और गोद लेने के लिए लिंक.

अच्छी ब्रीड्स के डॉग बेचनेवाली वेबसाइट – MY DOG

अच्छी ब्रीड्स के डॉग बेचनेवाली वेबसाइट- DOGS INDIA

डॉग्स गोद लेने के लिए वेबसाइट DOG SPOT ADOPTION

हमारा आर्टिकल Dog Ki Nasl पढने के लिए धन्यवाद. डॉग के विषय में दी गई. यह जानकरी अगर आपको अच्छी अलगी है. तो इस पोस्ट पोस्ट कमेंट जरुर करे सधी यह जानकारी अपने प्रियजनों के साथ जरुर शेयर करे.

हमारे और लेख पढ़े 

सबसे अधिक लोकप्रिय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *