Hindi Horror Kahani

Hindi Horror Kahani भूतिया गाँव एक नइ कहानी

Hindi Horror Kahani : ये कहानी मैंने खुद लिखी है. जिसमे एक लेखक को बॉलीवुड हॉरर मूवी स्टोरी राइटिंग का काम मिलता है. वो  सोचता है क्यों न कहानी किसी भूतहा जगह पर लिखी जाये. तो कहानी में जान आ जाएगी.उसके बाद हमारी कहानी का हीरो उसके  दोस्तों के सुझाव अनुसार एक गाँव में जाता है. जहाँ भूत प्रेत होने की अफवाए होती है .फिर आता है हमारी कहनी में ट्विस्ट जब लेखक को कुछ रूह कापंने वाले अनुभव होते है.और कुछ प्रेतों से सामना करना पड़ता है. तो लेखक का किस तरह से भूतहा अनुभव होते है? क्या उस जगह से बच निकल के हॉरर कहनी लिख पायेगा पूरी भूतहा कहनी जानने के लिए पढ़िए Hindi Horror Kahani भूतहा गाँव.

भूतिया गाँव Hindi Horror Kahani

मै हु विक्रम। में अहमदनगर रहता हु। पेशे से मैं एक फ्रीलान्स राइटर हु मुंबई फ़िल्मसिटी में भी मेरी काफी अच्छी पहचान है। तो कहानी और स्क्रिप्ट राइटिंग का काम आसानी से मिल जाता है। एक बार मुझे एक हॉरर(डरावनी) मूवी के कहानी और स्क्रिप्ट राइटिंग प्रोजेक्ट मिला फ़िल्म बिग बजट बनने वाली थी| इसलिय मेरे डायरेक्टर दोस्त रोहित ने मुझे हिदायत दी थी की ये फ़िल्म हम दोनों की ज़िन्दगी का टर्निंग पॉइंट हो सकता है

तो कहानी इस तरह लिखना कि असली लगे और उसमे feelings हो थिएटर में लोगों को डर का एहसास हो। तो मुझे एक खयाल आया क्योंना ऐसी जगह पर जाके कहानी लिखू जहाँ के लोगों ने भूत प्रेत और परनोर्मल घटना होती देखि हो । तो मेरे पत्रकार दोस्त पाटिल ने मुझे एक आर्टिकल भरा हुआ पेनड्राइव और अजमगढ़ जाने की सलाह दी|

उसने कहा अजमगढ़ गाँव मे 7 बजेने के बाद कोई मनुष्य घर के बहार नहीं दीखता म्हणजे सात च्या आत घरात ।वहा के लोगों ने दावा किया हे की उस गाँव में 7 बजे के बाद घर से बाहर निकलना मतलब भूतो से याराना रखना। रात को उस गाँव में भूत प्रेत तांडव करते है।हल्ला मचाते है।और इस तांडव में अगर कोई इंसान उनके सामने आगया तो हो सकता है|

 भूतो के गाँव लेखक का प्रवेश  Hindi Horror Kahani ब्लॉग

उसे भी उनके साथ भूत बनके उनकी टोली घूमना पडेगा। फिर मुझे लगा कि यही वह जगा हे जिसे मेरा मन ढूंड रहा है। तो और क्या मैं दुसरे ही दिन पंहुचा अजमगढ़ अपने लैपटॉप और ज़रूरति सामान के साथ| एक फैक्ट्री सामान ले जाने वाली ट्रक ने मुझे गाँव के बाहर कच्ची सडक पर उतारा| में जब गाँव में प्रवेश किया तो वहा के लोगों ने मुझे देखके इस तरह से अपने घरोके के दरवाजे बंद करलिये कि उन्होंने कोई जिन्दा लाश देखलिहो।

कोई बात करने को ही तैयार नहीं था। श्याम होते होते गाँव में सन्नाटा कहर ढाने लगाथा। और रात होने से पहले मुझे रहने की जगह का बंदोबस्त करना जरुरी था| इसलिय मैंने बहुत से घरो के दरवाजे खटखटए मगर किसीने भी दरवाजा नहीं खोला। मैं थोड़ी देर केलिये गाँव के बिच वाले चोराहे पर जाके बैठ गया| वहा पर बहुत बड़ा पीपल का पेड़ था।उसे पेड़पर से अचानक एक चमगादड़ आके मेरे सीर पर चिपकगया|

Click here to Read 7 Best Ghost Story In Hindi

कहनी का मजेदार किस्सा

मै बेतहाशा चिल्लाने जिंदगी में पहली बार बहुत डर गया था| कैसेतो उन चमगादड़ो से जान छुडाई और दूर जाके खड़ा हुआ| पूरीरात बाहर ठण्ड और भूतो के साथ ना कटनी पड़े इसलिय मैं गाँव की गलियों में रहने का ठिकाना ढूंडने लगा। गलियों में चक्कर काटते वकत मैं पाठशाला के पास पंहुचा वहासे गुजरते हुए मुझे पिछेसे किसीने बड़ी सक्त आवाज में बुलाया|

वह आवाज सुनकर में जगह पर रुकगया भूत प्रते आत्मा इन सब बातो ने दिमाग में घर करना चलू करदिया था। और ऊपर से एस अजीब गाँव में अकेला|मैंने धीरेसे पीछे मुडके देखा। वहापर एक सभ्य महिलाखड़ी थी। उन्होंने पूछा कि तुम कोण हो और इस वक्त गाँव में क्या कर रहे हो क्या तुम्हे पता नहीं यहाँ रात होते ही गाँव में भूत प्रेत घूमते है।

मैंने उन्हें आने का प्रयोजन बताया उन्होंने खुदके परिचय में बताया कि उनका नाम दुर्गा देवी है और वह गाँव की पाठशाला कि प्रिन्सिपल हे। मैंने कहा कि आप कोई रहने की जगह बताएगी तो बड़ी कृपाहोगी आपकी। वह बोली की। मै भी पाहिले इसी गाँव में रहती थी। पर अभी मैं गाँव के पीछे वाले हिसे में रहती हु। अगर तुम कहो हो मैं तुम्हे मेरे घर की चाबी दे सकती हु। जो चोराहे के नजदीक हे। मैंने तुरंत हा में जवाब दिया उन्होंने मुझे घर की चाबी दे दी।

Read More Best Horror Story In Hindi

लेखक का भूतहा घर में प्रवेश

Khatarnak Horror Story
Khatarnak Horror Story

और किराया वो बादमे आके वसूले करेगी एसा कहा| चाबी लेने के बाद मै फटाफट से चोराहे के पास पोहोचा| वहा सिर्फ़ एक मकान पर ताला था। एसलिय मुझे मकन ढूंडने में दिकत नहीं हुई। प्रिन्सिपल मोहोदय का घर काफी बड़ा था और वहा पर लकड़ी का बड़ा और मजबूत बेड भी था। मेरा स्टोरी राइटिंग के काम के लिया बहुत बढ़िया जगह मिलगई थी।

इस बात केलिया मैंने मेरे इष्ट देव हनुमानजी को धन्यवाद कहा| मैंने मेरा साथ लाया हुआ रात का भोजन बड़े चाव से खतम किया और लैपटॉप खोलके स्टोरी लिखने बैठ गया। सबसे पहले मैंने मेरे दोस्त के दिये हुए आर्टिकल पढने से शुरुवात की। मैंने पहला आर्टिकल ओपन किया उसमे कुछ अजीब बाते पता चली|

की इस गाँव में ये भूतहा  घटनाए २० सालो से होती आ रही है। और यहाँ के लोगों का कहना है कि इस गाँव में दिन में इंसान और रात में प्रेत घूमते है| और वह भी इंसान की तरह बातचीत और व्यवहार करते है। आगे एक कहानि एसी भी लिखी थी की गाँव में एक घर ऐसा भी है जो २०  सालो से बंद है। और वही प्रेतों का अड्डा भी है।

Click Here To Read More Bhoot Ki Kahani In Hindi

डर का सच्चा एहसास हुआ  — (Hindi Horror Kahani ब्लॉग)

ये कहानी बस आगे पढ़ ही रहा था| कि दरवाजे पर जोर से कोई चीज एके लगी| आवाज इस तरह आयी की मानो किसी ने बड़ी कुलहाड़ी दरवाजे पर मारी हो। मेरा तो खून ही जम गया। बड़ी हिम्मत कर के दरवाजे के पास गया और धीरेसे दरवाजा खोला और जो नजारा मैंने देखा उसे देखकर मेरे पैर कांपने लगे। दरवाजे में सच मे एक बड़ी कुल्हाड़ी घुसी हुई थी।

और उसपे खून लगाहुआ था। अब जाऊ तो जाऊ कहा मदत लू तो किसकी।कोई घर तो अपना दरवाजा खोलने वाला नहीं था। समज़दरी इसी में थी की मैं घर के अन्दर ही रहू। मैंने तुरंत दरवाजा बंद करलिया। और खिड़की के पास गया। और छोटे से सुराग में से बाहर देखने लगा| कि जिसने ये हरकत की है वह अभी भी है क्या। पर मुझे एक दहलाने वाले घटना दिख रही थी। (ghost story in hindi)

२ आदमी मिलके एक लड़की को बेरहमी से पिट रहे थे। और वो लड़की चिला रही थी मदत की गुहार लगारही थी| मगर कोई भी गाँव वाला दरवाजा नहीं खोल रहा था| पर नजाने मुझेमें कहासे अचानक इतनी हिम्मत आ गई की मैं दरवाजा खोल के बड़ी स्फूर्ति से उस लड़की को बचने दौड़ा और जब मैं उसके पास पंहुचा तो वह तीनो हवा में गायब हो गए।

अब सच में मेरी फट के हात में आगई थी। मैं उलटे पाँव रूम के और भागा जब में रूम के थोडा नजदीक पहुँचा| तो खिड़की खुली थी और खिडकीमेसे मेरी नजर घरमे पड़ी तो वही लड़की पंखे से लटके कर फांसी ले रही थे और वह दोनों दरिन्दे घर की छत पर पैर हिलाते हुए बठे थे| और मेरी तरफ देखके मुस्कुरा रहेथे|और सिर्फ वो तीनो ही नहीं|दरवाजे में से और २ प्रेत जिनका चेहरा भयानक था बाहर आके खड़े हुए|

इस कहानी का इंट्रेस्टिंग भाग

में समज गया की ये वही आर्टिकल वाला बंद घर है| जो भूतो का अड्डा है| और उनमेसे एक ने दरवाजे से वो कुल्हाड़ी निकली और मेरी और झपटा उसका भयानक रूप देखकर मेरा आवाज गले मेही अटक गई मै| जान बचाने के लिये में गाँव के बाहर की तरफ भागा और भागते वक़्त किसी आदमी से टकराके में बेहोश होगया। Hindi Horror Kahani

सुबह जब होश आया तब मैं एक पुराने हनुमान मंदिर में था। और एक पहलवान जैसा पुजारी मेरे पास बैठे थे। मेरे होश में आने के बाद पुजारी जीने मुझे नीम के पतों का काढ़ा पिने के को दिया। मैंने उनको मेरे आने का मकसद बताया। वह हस पड़े और बोले बच्चे तुम नसीब वाले हो जो आज यहाँ जिन्दा बैठे हो वरना तुम भी उनकी टोली में कल नजर आते मैंने उनसे पूछा कि ये सब क्या  माजरा है।

क्लिक हियर टू Read More Spirit Story In Hindi

कहानी का अंत 

वो सब कौन हे जो गाँव में रातको तांडव करते है।पुजारीजी ने कहा को वह दोनों आदमी जो लड़की को पीट रहे थे| वह उसके ससुर और पति थे। और ये सब तमाशा गाँव में हर रोज़ होता है पर कोई दरवाजा नहीं खोलता। ससुराल वालो का  जुल्म जादा दिन बेचारी लड़की सहन नहीं कर पाई और उस लड़की ने घर के पंखे से लटके फांसी लेली। और बदले की आग में उस लड़की की माँ ने उन दोनों के कुल्हाड़ी से टूकड़े-टूकड़े किये थे।

तुम्हे घरकी की चाबी पाठशाला कि मैडम ने दी थी ना| मैं ने कहा हा। वह बोले वही है उस लड़की की माँ है बादमे उसने भी गाँव के बहार वाले घर में जहर खाके आत्माहत्या करली थी। बादमे फिर सुबह सूरज निकलने के बाद किसी तरह में मेरा लैपटॉप रूम से ले आया। और एक सच्चे भूतहा अनुभाव और कहानी के साथ पुजारीजीका धन्यवाद करके घर वापस लोट गया।

तो दोस्तों ये Hindi Horror Kahani आपको कैसी लगी कोमेंट करके जरुर बताये और मेरे ब्लॉग और भी डरावनी कहनिया जरुर पढ़े

Horror Story Web Series In Hindi A

Horror Story Web Series In Hindi B

Read More Horror Story In Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *